सरकारी आवास में अवैध निर्माण व पेड़ कटान को लेकर चर्चा में झबरेड़ा विधायक देशराज कर्णवाल

संदीप तोमर

रुड़की। झबरेड़ा क्षेत्र के भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल रुड़की में सिंचाई विभाग की ओर से कैम्प कार्यालय के लिए आवंटित कराए गए आवास में अवैध निर्माण एवं पेड़ कटान को लेकर चर्चा में आ गए है। दिलचस्प यह है कि मुख्यमंत्री के जन्मदिन अवसर पर गन्ना किसानों की बात विधानसभा में उठाये जाने को लेकर बुलाई गई प्रेस वार्ता में यह सारा निर्माण पत्रकारों की नजर में आ गया। इस बाबत पूछे गए सवालों के जवाब में विधायक कन्नी काटते नजर आए।
वैसे तो भाजपा या कांग्रेस के विभिन्न विधायकों और नेताओं के पास अपने बड़े-बड़े आवास होने के बावजूद इस प्रकार सरकारी आवास हासिल किए जाने की जरूरत आज तक लोग समझ नही पाए हैं और इसे सरकार पर एक बोझ ही माना जाता है। बावजूद इसके रुड़की में ही भाजपा विधायक प्रदीप बत्रा,कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन,भाजपा नेता श्यामवीर सैनी,कांग्रेस विधायक फुरकान अहमद व पूर्व बसपा विधायक सरवत करीम अंसारी आदि ने सिंचाई विभाग के सरकारी आवास हासिल किए हुए हैं। इस कतार में जहां रुड़की में बड़ा दो मंजिला मकान रखने वाले झबरेड़ा के दलित भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल भी शामिल हो गए हैं,वहीं उनके द्वारा कैम्प कार्यालय बनाये गए इस आवास पर अवैध निर्माण व पेड़ कटान को लेकर वह चर्चा में भी आ गए हैं। जादूगर रोड पर ईसाई मिशन अस्पताल से ऐन सटे सिंचाई विभाग के तिकोने सरकारी आवासों में नीचे का हिस्सा विधायक देशराज कर्णवाल ने आवंटित कराया है। हालांकि चर्चा है कि इसकी ऊपरी मंजिल भी उनको आवंटित हुई है,किन्तु उनका कहना था कि पहले उन्हें ऊपरी हिस्सा मिला था,लेकिन वाहन आने जाने की समस्या को देखते हुए बाद में उन्हें नीचे का हिस्सा दिया गया। खैर जिस हिस्से में उन्होंने अपना कैम्प कार्यालय बनाया है उसमें अवैध निर्माण और पेड़ कटान आज पत्रकारों को नजर आया और इस बाबत विधायक से सवाल पूछे गए तो वह सीधा जवाब देने की बजाय कन्नी काट गए। यूं यह भी सच है कि जितने भी नेताओं ने इस तरह यहां सिंचाई विभाग के भवन हासिल किए हैं उनमें से अधिकांश ने अपनी जरूरत अनुसार इन भवनों में अवैध निर्माण किया है, तो यह देशराज कर्णवाल का भी कोई नया मामला नही,किन्तु अवैध तो अवैध ही होता है। खैर आज विधायक देशराज कर्णवाल ने इस कैम्प कार्यालय पर सीएम का जन्मदिन मनाने और अपने द्वारा विधानसभा में गन्ना किसानों की बात उठाने की जानकारी देने को प्रेस वार्ता की थी। यहां पहुंचे पत्रकारों को उक्त अवैध निर्माण और पेड़ कटान नजर आया तो विधायक से सवाल किए गए,जिन पर वह कन्नी काट गए। नियमतः ऐसे सरकारी आवासों पर मामूली निर्माण भी रहने वाला अपनी इच्छा से नही करा सकता। विभाग की टीम जरूरत को देखते हुए अनुशंसा करती है तो मामूली निर्माण सम्भव होता है। पर यहां सामने की दीवारों को नई बनाकर कई कई फुट ऊंचा उठा दिया गया है। एक दो पेड़ भी यहां कुछ समय पूर्व तक नजर आते थे,जो काट दिए गए हैं, यह अलग बात है कि विधायक ने आज प्रेस वार्ता के बाद यहां परिसर में पौधारोपण करते हुए स्वयं के पर्यावरण प्रेमी होने का परिचय भी दिया। खैर एक तरफ जहां अंदर चमचमाती टाइल्स लगाई जा रही है वहीं आवास के पिछले हिस्से में मिशन अस्पताल की तरफ गली में एक बड़ा गेट भी लगा दिया गया है,जो शायद गाड़ियों के आने जाने के लिए है। भविष्य में इस गेट के कारण अस्पताल आने जाने वाले मरीजों(विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं)को दिक्कत हुआ करेगी। ध्यान रहे कि इस अस्पताल को नगर में गरीबों के अस्पताल के रूप में जाना जाता है। आवास के पीछे के हिस्से पर मौजूद विभाग का गैराज भी आवास के हिस्से में आकर विभाग के लिए बेकार हो गया है। आवास के बाहर मिशन अस्पताल वाले रास्ते पर सड़क किनारे खड़े बिजली के खम्बे के अर्थ वाले तार तक को विभाग की बाहरी दीवार में चिन दिया गया है,यह किसी तरह की जल्दबाजी को अपने आप दर्शा रहा है(देखिए फोटो)। सबसे बड़ी बात इस सब निर्माण को लेकर चर्चा चल रही थी कि इसमें विधायक निधि लगायी जा रही है। इस सवाल के जवाब में विधायक ने कहा कि इसका जवाब निर्माण एजेंसी से मांगिये। यह कहकर उन्होंने यह साबित तो कर ही दिया कि निर्माण कार्य वह खुद के धन से नही करा रहे। हालाकिं उन्होंने इससे जुड़े तमाम सवालों को औचित्यहीन करार दिया।
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आवास में पूर्व से रह रहे कर्मचारी का परिवार कहां गया?

इस आवास में एक व्यक्ति सपरिवार रहता था। इस व्यक्ति से आवास कैसे खाली हुआ? वह परिवार सहित किस आवास में गया? इसे लेकर भी कई सवाल उठ रहे हैं।

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