तो झा साहब तय करेंगे रुड़की मेयर के लिए भाजपा का टिकट?

संदीप तोमर
रुड़की। 9555066754,
9472429549 खबर आगे बढ़े उससे पहले जान लेना जरूरी है कि खबर के आधार ये दो फोन नम्बर किसी सतेन्द्र झा नामक साहब के हैं। मैं व्यक्तिगत रूप से झा साहब से नही मिला-न उन्हें जानता हूं,पर झा साहब और उनकी टीम रुड़की नगर में गली- मौहल्ले एक सर्वेक्षण करती घूम रही है। इनका सर्वेक्षण किसी जनसंख्या या एससी-ओबीसी को लेकर भी नही,दिलचस्प तरीके से रुड़की मेयर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को लेकर है।
किसी भी चुनाव को लेकर सर्वेक्षण होते हैं,यह सामान्य बात है। किंतु झा साहब के इस सर्वेक्षण में बहुत कुछ अजीब सा है। पहला यह कि अभी तक यह सर्वेक्षण भाजपा के चार नाम को लेकर हो रहा था और दूसरा यह कि इनमें एक नाम तो बड़ा अजीब संगत लिया जा रहा है। मसलन इनकी टीम घरों में जाकर पूछती है कि मेयर किसे चुनोगे? इसमें यह लोग ज्यादा न कुरेदे जाने तक सिर्फ चार नाम ले रहे थे। 1.मयंक गुप्ता 2.अजय सिंघल एडवोकेट 3. गौरव गोयल 4.डा.कल्पना सैनी। आज जब इन दोनों नम्बरों पर इस लेखक ने बात कि और यह जानना चाहा कि यह सर्वेक्षण आखिर करा कौन रहा है तो थोड़ा दूसरी भाषा में बात करने वाले झा साहब इसका जवाब देने की बजाय यही चार नाम गिनाने लगे। जब लेखक ने बहुत कुरेदकर और घुमा घुमाकर थाने कचहरी का हवाला देकर पूछा तो झा साहब ने कहा कि वो एक टीवी चैनल के लिए सर्वे कर रहे हैं। (विशेष यह भी कि झा साहब ने पूरे सर्वे को भाजपा केंद्रित छोड़ सर्व दलीय बताकर कांग्रेस के यशपाल राणा तक के नाम गिना दिए) पर यहां यह महत्वपूर्ण है कि ऐसा कौन सा चैनल है जो देश में 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव निपट जाने और उत्तराखण्ड में सारे निकाय चुनाव निपट जाने के बाद भी रुड़की के उस चुनाव पर नजर रखें है,जिसका होना या न होना अभी माननीय हाईकोर्ट के निर्णय पर निर्भर है। खैर झा साहब के पास इसका कोई जवाब नही था। जवाब यह भी उनसे नही मिल पाया कि यदि भाजपा से वैश्य वर्ग के उपरोक्त तीन ही मयंक गुप्ता,अजय सिंघल और गौरव गोयल ही दावेदार हैं तो इस सर्वेक्षण में चौथा नाम पिछड़े वर्ग की पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष डा. कल्पना सैनी का क्यों है? यह भी बात आई कि इस सर्वेक्षण को गौरव गोयल द्वारा कराया जा रहा है,इस विषयक उनसे बात की तो उन्होंने यह कहते हुए साफ इंकार किया कि उन्हें ऐसे किसी सर्वे की क्या जरूरत? उनकी सेवा समाज के सामने हैं,लेकिन उन्होंने यह भी पूछा कि आखिर सर्वे में निकला क्या है। ऐसा ही कुछ संवाद कल्पना सैनी से भी हुआ,किन्तु उन्होंने भी ऐसे किसी सर्वे की जानकारी से इनकार किया। मयंक गुप्ता से अनौपचारिक भेंट में इस विषयक हुई वार्ता में वह ऐसे किसी सर्वे को खुद के द्वारा कराए जाने से इनकार कर चुके हैं। एड. अजय सिंघल से फोन पर बात नही हुई,किन्तु वह भी किसी ऐसे सर्वे से अनजान लगते हैं। कुल मिलाकर सर्वे कौन करा रहा है इसका जवाब झा साहब ही दे सकते हैं,बशर्ते अगर कोई उनकी सम्मानित भाषा समझ ले तो।
(झा साहब के फोन नम्बर खबर की शुरुवात में हैं)

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