हरिद्वार सनत शर्मा :– बहादराबाद राजकमल कॉलेज में डॉ0 रमेश पोखरियाल “निशंक” : सृजन एवं कर्म के विविध आयाम के विषय पर सेमिनार का आयोजन ।

हरिद्वार सनत शर्मा :– हरिद्वार बहादराबाद *राजकमल कॉलेज में डॉ0 रमेश पोखरियाल “निशंक” : सृजन एवं कर्म के विविध आयाम के विषय पर सेमिनार का आयोजन*
राजकमल साइंस एंड मैनेजमेंट कॉलेज, बहादराबाद हरिद्वार में एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया यह सेमिनार मुख्य रूप से डॉ0 रमेश पोखरियाल “निशंक” : सृजन एवं कर्म के विविध आयाम पर रहा जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर डॉ0 सुचित्रा मलिक, गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय हरिद्वार विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ0 मेनका त्रिपाठी साहित्यकार और कवि, राजेश कुमार पीआरओ (माननीय पूर्व मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक जी ) ,डॉ0 ममता कुंवर हिमालयन विश्वविद्यालय देहरादून, श्रीमती कमला जोशी जी समाजसेवी, एंजिल्स एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, प्रधानाचार्य श्रीमती रश्मि चौहान जी, चेयरमैन श्री पुष्पेंद्र चौहान जी, उप प्रधानाचार्य डॉ0 बद्री प्रसाद उपाध्याय जी , एवं डॉ0 राघवेंद्र चौहान प्राचार्य (राजकमल कॉलेज) बतौर अतिथि उपस्थित रहे I
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर प्रारंभ किया गया कॉलेज के प्राचार्य डॉ राघवेंद्र चौहान द्वारा मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया
मुख्य अतिथि द्वारा डॉ0 रमेश पोखरियाल निशंक जी के व्यक्तिगत और राजनीतिक जीवन के बारे में बताया गया डॉ निशंक जी बचपन से ही कविता और कहानियां लिखते रहे। हालांकि उनका पहला कविता संग्रह वर्ष 1983 में ‘समर्पण’ प्रकाशित हुआ। अब तक आपके 10 कविता संग्रह, 12 कहानी संग्रह, 10 उपन्यास, 2 पर्यटन ग्रन्थ, 6 बाल साहित्य, 2 व्यक्तित्व विकास सहित कुल 4 दर्जन से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं आज भी तमाम व्यस्तताओं के बावजूद उनका लेखन जारी है।
श्रीमती रश्मि चौहान जी ने कहा कि डॉ0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ जी मौलिक रूप से साहित्यिक विधा के व्यक्ति हैं। अब तक हिन्दी साहित्य की तमाम विधाओं (कविता, उपन्यास, खण्ड काव्य, लघु कहानी, यात्रा साहित्य आदि) में प्रकाशित उनकी कृतियों ने उन्हें हिन्दी साहित्य में सम्मानजनक स्थान दिलाया है। राष्ट्रवाद की भावना उनमें कूट-कूट कर भरी हुई है। यही कारण है कि उनका नाम राष्ट्रकवियों की श्रेणी में शामिल है।
अब भी डॉ0 ‘निशंक’ जी के साहित्य पर कई राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों में शोध कार्य जारी है।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ0 राघवेंद्र चौहान ने बताया कि डॉ0 रमेश पोखरियाल ‘निशंक’,जी साहित्यिक विधाओं का बेजोड़ संगम हैं। उनकी कविताएं जहां एक ओर आमजन को राष्ट्रीयता की भावना से जोड़ती हैं, वहीं उनकी कहानियां पाठकों को आम आदमी के दुःख-दर्द व यथार्थता से परिचित कराती हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में के कार्यक्रम संयोजक डॉ0 राघवेंद्र चौहान एवं समन्वयक डॉ0बद्री प्रसाद उपाध्याय, निधि चौहान, मनी अरोरा, दीपिका, अजय कुमार, विनीत कुमार, तनु चौहान, आस्था यादव, प्रेरणा राजपूत, आकांक्षा चौहान, गुंजन चौहान, छवि चौहान,आदि ने सहयोग दिया
अंत में राजकमल कॉलेज के प्राचार्य डॉ0 राघवेंद्र चौहान ने कहा कि कॉलेज विगत वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में अपना विशेष योगदान प्रदान कर रहा है तथा सेमिनार जैसे कार्यक्रम से अभ्यर्थियों का बहुत उचित विकास होता है तथा इस सफल आयोजन के लिए सभी का आभार व्यक्त करते हुए शुभकामनाएं प्रेषित की

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