राज्य कर विभाग (जीएसटी) के द्वारा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों के आकस्मिक सर्वे का प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड ने किया विरोध


रिपोर्ट रुड़की हब
रुड़की।।
आज प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड ने पूरे उत्तराखंड प्रदेश एवं रुड़की में चल रहे राज्य कर विभाग (जीएसटी) के द्वारा व्यापारियों के प्रतिष्ठानों के आकस्मिक सर्वे किए जा रहे हैं जिसका पुरजोर विरोध किया.

इस संदर्भ में आज संयुक्त आयुक्त कार्यपालक अजय कुमार सिंह को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड के पदाधिकारियों अजय गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष, नवीन गुलाटी प्रदेश महामंत्री, नितिन शर्मा प्रदेश संगठन मंत्री, रामगोपाल कंसल संयोजक, चौधरी धीर सिंह महानगर अध्यक्ष रुड़की, कविश मित्तल महानगर महामंत्री, आकाश गोयल, अनुज


अग्रवाल जिलाध्यक्ष, सार्थक छाबड़ा युवा व्यापार मंडल अध्यक्ष के द्वारा ज्ञापन दिया गया. ज्ञापन में व्यापारियों के आकस्मिक सर्वे रोकने हेतु अनुरोध किया गया है राज्य कर विभाग के अधिकारियों के द्वारा व्यापक स्तर पर व्यापारियों के आकस्मिक सर्वे किए जा रहे हैं जिसमें व्यापारी का उत्पीड़न किया जा रहा है. व्यापारी मानसिक दबाव में आ जाता है जिससे उसका व्यापार प्रभावित होता है. जबकि जीएसटी एक्ट जब लागू किया गया था तब अधिकारियों के द्वारा अनेक सेमिनार में, बैठकों में जानकारी दी गई थी कि व्यापारी का कोई भी सर्वे नहीं होगा अगर किसी भी विशेष स्थिति में नोटिस दिया जाएगा उसका जवाब से संतुष्ट ना होने पर ठोस शिकायत मिलने पर, ठोस सबूत होने पर ऐसी किसी विशेष स्थिति में उस विशेष व्यापारी के यहां सर्वे होगा परंतु इन सब बातों को दरकिनार करके राज्य कर विभाग के अधिकारियों के द्वारा आम व्यापारी के यहां अचानक से ही सर्वे किए जा रहे हैं. जो व्यापारी का मानसिक व व्यापारिक शोषण है.
अब तक अनेक व्यापारियों का सर्वे किया जा चुका है जिसके व्यापारियों में दहशत का माहौल है उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है जिस इंस्पेक्टर राज को जीएसटी लागू करने के बाद समाप्त करने की बात कही गई थी उसी इस्पेक्टर राज को पुन: राज्य कर विभाग द्वारा लागू कर दिया गया है इस कारण आम व्यापारी में रोष उत्पन्न हो गया है.
आज बहुत अधिक संख्या में व्यापारी, प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड के पदाधिकारी इकट्ठा होकर संयुक्त आयुक्त कार्यपालक अजय कुमार सिंह को ज्ञापन देकर आए हैं अनुरोध किया है कि भविष्य में व्यापारी का सर्वे नहीं किया जाए.
अभी-अभी व्यापारी 2 साल के लंबे अंतराल के बाद कोरोना बीमारी की आकस्मिक मार से उबर भी नहीं पाया है ऐसे में व्यापारी का राज्य कर विभाग द्वारा उत्पीड़न किया जा रहा है जो कि अनुचित है राज्य कर विभाग को व्यापार मंडल को सूचित करना चाहिए था उसको अपने विश्वास में लेना चाहिए था और कोई एक प्रणाली तय करनी चाहिए थी जिससे उनकी भी समस्या का समाधान हो जाता परंतु विभाग के द्वारा एकतरफा कार्रवाई के द्वारा व्यापारी का उत्पीड़न किया जा रहा है जो व्यापारी को कतई स्वीकार नहीं है अनुरोध किया गया है यह सर्वे तुरंत बंद किए जाएं वरना व्यापारी तथा प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल उत्तराखंड विभाग के अधिकारियों एवं विभाग के विरुद्ध आंदोलन प्रदर्शन करने पर मजबूर होगा.
प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना है राज्य कर विभाग हमें मजबूर ना करें कि हम प्रदर्शन अथवा आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएं. आज के बाद किसी भी तरह का सर्वे तुरंत बंद करने की कष्ट करें सर्वे ना किए जाएं सभी व्यापारी, पदाधिकारियों ने दृढ़ता के साथ अपनी बात रखी तथा विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में आम व्यापारी का शोषण ना किया जाए आज इस विरोध प्रदर्शन, ज्ञापन देने के दौरान अजय गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष, नवीन गुलाटी प्रदेश महामंत्री, नितिन शर्मा प्रदेश संगठन मंत्री, रामगोपाल कंसल संयोजक, अनुज अग्रवाल जिला अध्यक्ष, चौधरी धीर सिंह महानगर अध्यक्ष, कविश मित्तल महानगर महामंत्री, आकाश गोयल, सार्थक छाबड़ा, सुशील गुलाटी, शैलेंद्र गोयल, राजन शर्मा, सरदार प्रभुजोत सिंह, सिंह ग्रोवर, प्लाईवुड, उमेश सिंघल, उमेश गर्ग, सौरभ सिंघल, कंवलजीत सिंह, अमित सोनकर, कृष्ण कुमार आदि उपस्थित रहे.।

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