उत्तराखंड पृथक राज्य आंदोलन में महिलाओं की भूमिका थीं अहम -डॉक्टर राजेश पालीवाल

रिपोर्ट रुड़की हब

खानपुर।उत्तराखंड पृथक राज्य आंदोलन में महिलाओं की भूमिका अहम थी, _ डॉ पालीवाल हर्ष विद्या मंदिर (पी.जी)  कॉलेज रायसी, हरिद्वार के महिला उत्पीड़न एवं निवारण समिति, राष्ट्रीय सेवा

योजना समिति एवम् छात्र-छात्रा कल्याण समिति द्वारा उत्तराखंड स्थापना दिवस के अवसर पर भाषण प्रतियोगिता एवं स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 09-11-2021 को किया गया। कार्यक्रम मे बालिका शिक्षा पर आधारित लघु फिल्म का प्रसारण भी प्रोजेक्टर के माध्यम से किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ के.पी. सिंह एवं उपाध्यक्षा डॉ प्रभावती द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सचिव डॉ हर्ष कुमार दौलत ने छात्र-छात्राओ से प्रदेश एवं देश की उन्नति मे योगदान की अपील की। प्राचार्य डॉ राजेश चंद्र पालीवाल ने उत्तराखंड स्थापना दिवस के अवसर कहां की उत्तराखंड को अलग राज्य बनाने हेतु कई आंदोलन हो गए उत्तराखंड तक राज कानूनन मैं महिलाओं की एम भूमिका थी जिसकी वैसे उत्तराखंड एक अलग राज्य की रूप में हमारे सम्मुख आया उत्तराखंड को एक अलग राज्य का दर्जा देने की मांग भारत की आजादी से पहले भी उठती रही थी परंतु आजादी के पश्चात उत्तराखंड को अलग राज्य का दर्जा मिलने में कई वर्ष लग गए और संघर्ष और बलिदानों के बाद 9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड अलग राज्य के रूप में आज हमारे सम्मुख है डॉ पालीवाल ने यहां की संस्कृति यहां की परंपरा यहां की धरोहर एवं पर्यटन एवं संस्कृति की विभिन्नताओ के विषय में छात्र छात्राओं को अवगत कराया, उपप्राचार्य डॉ अजीत राव  ने  सभी छात्र छात्राओं को उत्तराखंड को समृद्ध बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। समिति प्रभारी डॉ दीपिका भट्ट ने बताया की छात्र छात्राओं ने कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। समिति के सदस्य डॉ सरला भारद्वाज, डॉ सारिका माहेश्वरी, डॉ स्मृति कुकशाल, डॉ  सुरजीत कौर, डॉ अतुल दुबे ने कार्यक्रम को सफल आयोजन के लिए सभी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक गण जिसमे प्रमुखतः डॉ राहुल कौशिक, डॉ रणवीर सिंह, डॉ प्रमोद कुमार, डॉ विनीता दहिया, डॉ मुरली सिंह, डॉ शिल्पी पाल, डॉ परीक्षित कुमार, डॉ कुलदीप कुमार, डॉ रश्मि नौटियाल ने सहयोग दिया।

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