आईआईटी स्थित अनुश्रुति एकेडमी फॉर डेफ संस्थान  में श्रवण बाधित एवं अधिगम अक्षमता पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों की पांच दिवसीय कार्यशाला शुरू, प्रोफेसर डी के नौरियल ने किया उद्घाटन


रिपोर्ट रुड़की हब
रूड़की,
21 जून।  उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के बीएड विशेष शिक्षा के द्वितीय सेमेस्टर के श्रवण बाधित एवं अधिगम अक्षमता पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों की पांच दिवसीय कार्यशाला का आरंभ आईआईटी  रूड़की कैंपस के अंतर्गत संचालित अनुश्रुति एकेडमी फॉर डेफ संस्थान में प्रारंभ हो गया। कार्यशाला के मुख्य अतिथि रुड़की आईआईटी के ह्यूमैनिटी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डी के नौरियाल, पूर्व कुलपति कुमाऊं विश्वविद्यालय व उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के द्वारा किया गया। अपने उद्बोधन में प्रोफेसर नौरियाल, ने कहा कि शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए आदर्श होना आवश्यक है। विशेष तौर से दिव्यांग विद्यार्थियों के शिक्षक के रूप में विशेष शिक्षक की भूमिका बहुत चुनौतीपूर्ण हो जाती है। रुड़की आईआईटी   कैम्पस अंतर्गत इस प्रकार की कार्यशाला के आयोजन पर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। अनुसूची एकेडमी के उपाध्यक्ष प्रोफेसर एस  सी हांडा ने आमंत्रित सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए अनुश्रुती एकेडमी का परिचय कार्यशाला में आए प्रतिभागियों को दिया। अनुश्रूति एकेडमी के प्रबंधक प्रोफेसर नवनीत अरोड़ा ने अपने उद्बोधन में कहा कि अच्छा शिक्षक बनना जरूरी है बालक को जीने लायक बनाना ही शिक्षक का कर्तव्य है। कार्यशाला के समन्वयक उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से विशेष शिक्षा विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ सिद्धार्थ पोखरियाल ने अपने उद्बोधन में कार्यशाला में प्रतिभागियों से अपेक्षा की कि इन पांच दिवसीय कार्यशाला में दिव्यांग बच्चों  से संबंधित अध्ययन अध्यापन की तकनीकी, आंकलन एवं चिह्निकरण का ज्ञान विद्यार्थियों को दिया जाएगा जिसको  प्रतिभागी सही प्रकार से सीख सकेंगे। कार्यशाला में शाजिया फरहत प्रधानाचार्य अनुश्रुति एकेडमी द्वारा सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यशाला के दूसरे सत्र में जगदीप कौर द्वारा सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण एवं श्रवण बाधित से संबंधित जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। कार्यशाला के तीसरे सत्र में दिल्ली से आई विषय विशेषज्ञ आराधना द्वारा अधिगम अक्षमता से संबंधित जानकारी विद्यार्थियों को दी गई। कार्यशाला में  पूर्व प्रधानाचार्या किरण हांडा, आईआईटी रुड़की से प्रोफेसर सोनल आत्रे, डॉ मनीष अस्थाना, रितिका, तरन्नुम भसीन,  सुनील चौधरी समेत बेंगलुरु,दिल्ली, हरियाणा एवं उत्तराखंड के प्रतिभागी उपस्थित रहे।

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