भाजपा संगठन की चुप्पी कहीं 2022 के चुनाव में ले न डूबे रुड़की सीट को  

रिपोर्ट रुड़की हब

आज 14 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफा भाजपा से दिया है पिछले 2 साल से नगर निगम में मेयर बनाम विधायक गुटबाजी चल रही है, ताजा मामला जब एक अधिकारी का ट्रांसफर देहरादून कर दिया जाता है तो कुछ पार्षद और विधायक मुख्यमंत्री के पास पहुंच जाते हैं अधिकारी का ट्रांसफर रुकवाने के लिए ,चाहे बोर्ड बैठक हो यह बहुत से मुद्दे जिसमें कुछ पार्षद, मेयर और दूसरे पार्षद विधायक समर्थित पार्षद अलग-अलग गुट में भिड़ते नजर आते हैं ,मौजूदा मेयर भी देहरादून मैं एक चैनल पर अपना इंटरव्यू देते हुए कहते हैं कि मेरा दम घुट रहा है मौजूदा विधायक मुझे काम नहीं करने दे रहे हैं मैंने सब जगह शिकायत की है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है शायद आज उसी का परिणाम है कि 14 पार्षदों ने सामूहिक भाजपा पार्टी से अपना इस्तीफा दे दिया है हाल ही में हुई बोर्ड बैठक पर बहुमत के कांग्रेस ,बसपा और कुछ भाजपा पार्षदों ने मिलकर मेयर समर्थित 16 भाजपा पार्षदों के प्रस्ताव गिरा दिए थे जिससे आघात होकर आज 16 पार्षदों ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया और भाजपा संगठन पर बड़ा आरोप लगाया कि संगठन इस ओर ध्यान ही नहीं दे रहा है लेकिन आने वाले चुनाव में शहर में तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी है कि कहीं भाजपा इस बार बुरी तरह यह सीट हार ना जाए हालांकि यह देखने वाली बात होगी 2022 में ऊंट किस करवट बैठता है लेकिन मौजूदा विधायक के रामनगर में व्यापारियों द्वारा जो बैनर लगाए गए थे इसमें लिखा था “भाजपा तुझसे बैर नहीं प्रदीप बत्रा तेरी खेर नहीं” इस तरह के माहौल में तरह-तरह की चर्चा चल रही है कि इस बार रुड़की में भाजपा का जीतना बहुत मुश्किल है और अगर टिकट में तब्दीली नहीं होती तो हालात और मुश्किल हो सकते हैं

 

 

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