भाजपा नेता मुनीष सैनी पर करीब ढाई करोड़ रुपए छात्रवृत्ति घोटाला करने का आरोप है,जानी पूरी खबर

रिपोर्ट रुड़की हब

रुड़की। चुनाव:::भाजपा नेता पर करीब ढाई करोड़ रुपए छात्रवृत्ति घोटाला करने का आरोप है ।
छात्रवृत्ति घोटाले के मामले में आरोपित भाजपा नेता मुनीश सैनी के टिकट पर खरता मंडरा रहा है। मुनीश सैनी कॉलेज में अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के सैकड़ों छात्र-छात्राओं की करीब ढाई करोड़

छात्रवृत्ति हड़प करने का आरोप है। कई टिकट के दावेदार भाजपा को भ्रष्टाचार मुक्त और ईमानदार एंव अनुशासित एंव सिद्धांतों चलने वाली पार्टी बातकर टिकट मांग रहे है। उल्लेखनीय है कि कलियर विधानसभा में भाजपा पार्टी टिकट वितरण में फूक-फूककर पांव रख रही है। उधर पार्टी में कई वर्षों से टिकट पाने की चाह में कार्यकर्ता एक दूसरे की टांग खिचने में लगे है। आरोप प्रत्यारोप की झड़ी लगा रहे है। तो कई गड़े मुर्दे निकालने में लगे है। क्योंकि कलियर विधानसभा पर कद्दावर नेता भाजपा से टिकट पाने की होड़ में इस विधानसभा को हॉट सीट बना चुकी है। कलियर विधानसभा में विधानसभा के टिकट पर आधा दर्जन कद्दावर नेता दावेदार दावेदारी पेश कर रहे। जिला प्रशासन पहले ही लिखित रूप से बोल चुका है। कि जिन प्रत्याशियों को पार्टी टिकट देगी। उसको अखबार में विज्ञापन जारी करना होगा कि उसके नाम कितने मुकदमे दर्ज है। और किस प्रकार उनसे क्राइम हुआ है। उधर एक भाजपा नेता मुनीश सैनी  छात्रवृत्ति घोटालों में आरोपी बनाया गया है। इन पर करीब ढाई करोड़ गबन का आरोप है। हालांकि एसआईटी संस्थान के मालिक/संचालक मुनीश सैनी के विरुद्ध धारा 420,409,467,468,471 भादवि का बहादराबाद थाने में अभियोग पंजीकृत करा चुकी है। सूत्रों के मुताबिक भाजपा नेता ने छात्रवृत्ति घोटाले में न्यायालय से गिरफ्तारी पर स्टे लिया हुआ है। एसआईटी प्रकरण में चार्जसीट दाखिल कर चुकी है। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने मुनीश सैनी की पत्नी को भी आरोपी बनाया है।
उल्लेखनीय है कि हरिद्वार एवं देहरादून स्थित कतिपय स्ववित्त शैक्षणिक संस्थाओ एंव जनपद हरिद्वार एवं देहरादून स्थित प्राइवेट आईटीआई द्वारा अनुसूचित जाति /जनजाति छात्र / छात्राओ के संस्थाओ मे फर्जी प्रवेश दर्शाकर फीस प्रति पूर्ति के रुप मे समाज कल्याण विभाग से करोडो रुपये की धनराशी का गबन कर ली। इस प्रकरण की जांच पुलिस अधीक्षक अपराध की अध्यक्षता मे गठित विशेष अन्वेषण दल (एसआईटी) द्वारा जांच पूरी करने के बाद एसआईटी चार्जसीट लगा चुकी है।
एसआईटी ने यह कराया था मुकदमा दर्ज।
उल्लेखनीय है कि नवंबर 2019 में उनि शैलेन्द्र मंमगाई सदस्य एसआईटी की शिकायत पर शैक्षणिक संस्थान Om Bio Scince Tcvhnology Roorki /Om Bio Scince Pharma College के खिलाफ छात्रवृत्ति घोटाले में मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे कहा गया है कि जिला समाज कल्याण अधिकारी हरिद्वार द्वारा वर्ष 2012-13 वर्ष 2016-17 तक छात्रवृत्ति निम्न प्रकार वितरित की गयी है। जिसकी जांच की गयी है। वर्ष 2012-13 मे अनुसूचित जाति के 2 छात्रो को धनराशी 91600/- रु (इक्यानवे हजार छःसौ रुपये) छात्रो के खातो मे प्रदान की गयी। वर्ष 2012-13 मे अनुसूचित जाति के 53 छात्रों को धनराशी 2074900/- (बीस लाख चौहत्तर हजार पांच सौ रुपये) संस्थान के खाते मे प्रदान की गयी। वर्ष 2012-13 मे अनुसूचित जनजाति के 15 छात्रो को धनराशी 574500/- रु0 (पांच लाख चौहत्तर हजार रुपये) प्रदान की गयी वर्ष 2013-14 मे अनुसूचित जाति के 280 छात्रो को कुल धनराशी 11369000/- (एक करोड तेरह लाख उन्हत्तर हजार रुपे) संस्थान के खाते मे प्रदान की गयी। वर्ष 2014-15 मे अनूसूचित जाति के उक्त 280 छात्रो को धनराशी 778500/- (सात लाख अट्ठत्तर हजार रुपये ) संस्थान के खाते मे प्रदान की गयी वर्ष 2013-14 मे अनुसूचित जनजाति के 236 छात्रो को धनराशी 4957700 /- (उनचास लाख सत्तावन हजार सात सौ रुपये) प्रदान की गयी थी। आनलाईन वाले 2014-15 अनुसूचित जाति के 40 छात्रो को धनराशी 1073400/- रु0 (दस लाख तिहत्तर हजार चार सौ रुपये) छात्रो के खातो मे प्रदान की गयी। ऑनलाईन वर्ष 2015-16 अनुसूचित जाति के 110 छात्रो को धनराशी 2711720/- रु0 (सत्ताइस लाख ग्यारह हजार सात सौ बीस रुपये) छात्रो के खातो मे प्रदान की गयी। आनलाइन वर्ष 2015 -16 अनुसूचित जाति के 2 छात्रो को धनराशी 83100/- रु0 (तिरासी हजार एक सौ रुपये) छात्रो के खातो मे प्रदान की गयी। आनलाईन वर्ष 2016-17 अनुसूचित जाति के 16 छात्रो को धनराशी 744700/- रु0(सात लाख चवालिस हजार सात सौ रुपये) छात्रो के खातो मे प्रदान की गयी। आनलाईन वर्ष 2016-17 अनुसूचित जनजाति) के एक छात्र को धनराशी 55300/- रु0 (पचपन हजार तीन सौ रुपये) छात्रो के खातो मे प्रदान की गयी। उपरोक्त सम्पूर्ण विवरण के अनुसार वर्ष 2012-13 से 2016-17 तक कुल छात्रवृत्ति धनराशी रु0 24889120/-रुपए (दो करोड अडतालिस लाख नवासी हजार एक सौ बीस रुपये) संस्थान एवं छात्रो के बैंक खातो मे प्रदान की गयी।

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