मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की के कृषि संकाय द्वारा विश्व खाद्य दिवस के अवसर पर “इनोवेट टुडे, नॉरिश टुमॉरो” (आज नवाचार करें, कल को पोषित करें) विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की के कुलपति प्रो0 (डॉ0) नरेंद्र शर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने कृषि एवं खाद्य क्षेत्र में नवाचार,और जिम्मेदारी से खाद्य पदार्थों के उपयोग तथा भावी पीढ़ियों के लिए पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के महत्व पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा, पौष्टिक आहार, टिकाऊ कृषि तथा भोजन की बर्बादी कम करने के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में प्रो. (डॉ.) श्रीपाल चौहान, डीन, कला, मानविकी एवं विज्ञान संकाय; प्रो. (डॉ.) बोधिसत्व आचार्य, डीन, विधि संकाय; तथा डॉ. गीता जोशी, उप-प्राचार्य, मदरहुड आयुर्वेद कॉलेज शामिल रहे। विषय की प्रासंगिकता, रचनात्मकता तथा प्रभावी प्रस्तुतीकरण का मूल्यांकन किया
विश्व खाद्य दिवस हमें याद दिलाता है कि भोजन स्वास्थ्य, गरिमा और सतत विकास का आधार है। कृषि में नवीन तकनीकों को अपनाना, प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करना, पौष्टिक भोजन को प्रोत्साहित करना तथा खाद्य अपव्यय रोकना—ये सभी खाद्य-सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
इस कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को खाद्य एवं पोषण से जुड़े मुद्दों पर विचार करने और कृषि नवाचारों के माध्यम से समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। यह कार्यक्रम कृषि संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. दीपाली सिंह एवं संकाय के सदस्यों के सहयोग से सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की में विश्व खाद्य दिवस पर कार्यक्रम आयोजित




