मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की के द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में विश्वविद्यालय स्तर पर अंतर-संकाय कविता एवं भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में सभी संकायों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) नरेंद्र शर्मा ने अपने संदेश में कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि “हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और राष्ट्रीय एकता की पहचान है। हिंदी दिवस हमें यह संकल्प लेने की प्रेरणा देता है कि हम अपनी मातृभाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य करें।” उन्होंने आगे कहा कि एक शिक्षित और जागरूक युवा शक्ति ही सशक्त, समृद्ध और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
प्रतियोगिता में निर्णायक मण्डल के रूप में अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) संतोष शर्मा एवं प्रो. (डॉ.) मनीष मिश्रा उपस्थित रहे।
प्रो. (डॉ.) श्रीपाल चौहान, ने हिंदी भाषा के उत्थान, विकास एवं प्रयोग हेतु छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
निर्णायक मंडल द्वारा घोषित परिणामों के अनुसार भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान अंजलि तोमर, (शिक्षा संकाय), द्वितीय स्थान, इरम ज़हां (विधि संकाय) एवं तृतीय स्थान ट्विंकल सोनी (व्यवसाय एवं वाणिज्य संकाय) ने प्राप्त किया तथा अभिषेक चौधरी(कला संकाय) को सांत्वना पुरस्कार दिया गया तथा कविता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान ज्योति पवार (विधि संकाय), द्वितीय स्थान परी चौधरी (शिक्षा संकाय), एवं तृतीय स्थान चित्रांगना (विधि संकाय), जबकि सांत्वना पुरस्कार महक (विधि संकाय), को दिया गया। सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी विभागों के अधिष्ठाता एवं अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो०निरज मलिक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. (डॉ.) बोधिसत्व आचार्य, एवं प्रो. (डॉ.) जे०एस०पी० श्रीवास्तव सहित सभी संकायो के सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों के लिए अपनी कलात्मक एवं वाक्-कला क्षमता प्रदर्शित करने के साथ-साथ हिंदी भाषा के व्यापक सामाजिक महत्व को समझने का एक प्रभावी मंच सिद्ध हुई।




