रुड़की अस्पताल का गजब हाल!चिकित्सक की मौजूदगी में सफाईकर्मी ने भरे टांके

संदीप तोमर

रुड़की। जिस सरकारी अस्पताल मे रात-दिन गरीब मरीजो का इलाज के लिए जमावड़ा लगा रहता है, वहां के हालात क्या है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि रात के समय सरकारी अस्पताल मे चिकित्सक की मौजूदगी मे सफाईकर्मी इलाज करता है। बुधवार की रात करीब साढे आठ बजे एक सड़क दुर्घटना मे घायल हुए दो लोग दर्द से कराहते हुए सिविल अस्पताल के इमरजेन्सी वार्ड में पहुंचे। यहां मौजूद ड्यूटीरत चिकित्सक व सहायक की मौजूदगी में सफाईकर्मी ने उनको उपचार दिया। चिकित्सक ने उनका रेफर का पर्चा बनाते हुए रेफर कर दिया। ऐसे में सरकारी अस्पताल में किये जा रहे इलाज पर सवाल खडे होना लाजिमी है।
एक तरफ जहां प्रधानमंत्री स्वास्थ भारत का सपना देख रहे है। प्रधानमंत्री द्वारा आयुष्मान भारत योजना लागू करते हुए गरीबो को मुफ्त इलाज का सपना देखा है। वहीं राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने उत्तराखण्ड को स्वस्थ देखने के लिए प्रधानमंत्री से एक कदम आगे निकलते हुए योजना को अटल आयुष्मान नाम देकर राज्य के तमाम लोगो को इसमे शामिल कर मुफ्त इलाज देने की योजना बनायी है। योजना के तहत सबसे पहले सरकारी अस्पतालो को इसका जिम्मा सौंपा गया है। सरकारी अस्पतालो के हालात क्या है, ये किसी से छिपे नहीं है। रुड़की सरकारी अस्पताल के हालात ये है कि यहां इमरजेन्सी मे पहुंचने वाले मरीज अधिकतर रेफर किये जाते है। चिकित्सको की कार्यशैली को लेकर सवाल खडे होते रहे है। बुधवार की रात को ट्रामा सेंटर में दो चिकित्सको के अलावा एक वार्ड ब्वॉय व एक सफाईकर्मी की ड्यूटी थी। करीब साढे आठ बजे सिविल लाईन कोतवाली क्षेत्र के जबरदस्तपुर गांव से कुछ लोग मेडिकल कराने के लिए आये थे। इसी दौरान यहां मिलापनगर निवासी दो लोग किसी स्थान पर सड़क हादसे का शिकार होने के बाद पहुंचे। दोनो के सिर में चोट थी। सड़क हादसे के शिकार तडप रहे थे, तडफते घायलो के इलाज के लिए सफाईकर्मी ने मरहम पट्टी उठाते हुए उनका उपचार शुरू किया। सफाईकर्मी ने एक घायल के सिर में टांके लगाकर पट्टी बांधी। इस दौरान उसकी हालत क्या थी, ये वीडियो में साफ देखी जा सकती है। ऐसे में सवाल है कि आखिर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के स्वास्थ भारत व राज्य को स्वस्थ देखने के सपने आखिर साकार कैसे होगे?

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