विधिक चौपाल के समापन सत्र से पहले माननीय श्री नरेंद्र दत्त, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, हरिद्वार, द्वारा एवं श्री संदीप कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हरिद्वार, सुश्री सिमरनजीत कौर, सिविल जज (सीनियर डिवीजन) व सचिव, DLSA, हरिद्वार, तथा मदरहुड विश्वविद्यालय रूड़की के कुलपति प्रो०( डॉ०) नरेंद्र शर्मा के द्वारा सर्वप्रथम पौधा रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके पश्चात मुख्य अतिथियों के द्वारा विधि संकाय मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की में ‘सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन लीगल स्टडीज एंड रिसर्च’ का फीता काटकर उद्घाटन किया गया।

विधिक चौपाल 1.0 के समापन कार्यक्रम में पहुंचकर सभी अतिथियों का स्वागत छात्राओं के द्वारा स्वागत गीत से किया गया, तत्पश्चात कुलपति महोदय ने अतिथियों का स्वागत स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम भेंटकर किया । स्वागत उपरांत अतिथियों के द्वारा प्रो० (डॉ०) जे. एस. पी. श्रीवास्तव, विधि संकाय एवं डॉ० विवेक कुमार, सहायक प्राध्यापक, सचिव निःशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श केंद्र विधि संकाय मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की की पर्यावरण पर आधारित पुस्तक “Climate Change and Forest Ecosystems” का विमोचन सभी अतिथियों के द्वारा किया गया।
विधिक चौपाल के समापन पर माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश महोदय ने कहा कि, “भारतीय ज्ञान परंपरा, और यह विधिक चौपाल 1.0, और वर्तमान में संशोधित तीनों नए कानून इन सभी का समावेश आज के परिपेक्ष में अत्यंत ही प्रासंगिक है। भारतीय ज्ञान परंपरा हमें सिखाती है कि न्याय केवल दंड नहीं है, बल्कि पीड़ित को मिलने वाला उपचार है। आज का समापन सत्र एवं पुस्तक का विमोचन इसी दिशा में एक सार्थक कदम है। में इस कार्यक्रम मै उपस्थित रहकर अत्यंत हर्ष की अनुभूति कर रहा हु , तथा मुझे यकीन ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास भी है कि यह कार्यक्रम विधिक ज्ञान के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। ”

इस अवसर पर कुलपति प्रो० (डॉ०) नरेंद्र शर्मा ने कहा, “माननीय न्यायपालिका की उपस्थिति में आज के यह विशेष कार्यक्रम, जिसमें सेंटर फॉर एक्सीलेंस का उद्घाटन एवं पर्यावरण विषय पर पुस्तक विमोचन, और भारतीय ज्ञान परंपरा पर आयोजित विधिक चौपाल 1.0 हमारे लिए गौरव का विषय है। यह भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित चोपाल ‘शोध, और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के हमारे ध्येय को आगे बढ़ाएगा।”
समापन कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे सी०जे०एम० हरिद्वार श्री संदीप कुमार ने कहा कि, “विधिक चौपाल के माध्यम से छात्र जूरिप्रूडेंस लॉ, के उन सभी पहलुओं पर चर्चाओं के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करेंगे जिनके द्वारा उन्हें विधिक विषय की गहरी समझ प्राप्त होगी । हमारी न्यायिक व्यवस्था ऐसे शैक्षणिक प्रयासों का सदैव स्वागत करती है।”
समापन कार्यक्रम में अतिथि के रूप में पधारीं सुश्री सिमरनजीत कौर सिविल जज सीनियर डिवीजन एवं सचिव डी.एल.एस.ए. ने कहा की, “मदरहुड विश्वविद्यालय का, यह प्रयास, नीति विश्लेषण और सामुदायिक शिक्षा व ज्ञान परंपरा पर मील का पत्थर साबित होगा।डी.एल.एस.ए. हरिद्वार और विश्वविद्यालय मिलकर विधिक साक्षरता, जागरूकता एवं मध्यस्थता के माध्यम से सामाजिक न्याय पर कार्य करेंगे। यह चौपाल छात्रों को एक कदम आगे बढ़कर भारतीय सोच और समाजीकरण से जोड़ने का अनुठा प्रयास है।”
कार्यक्रम में मंच का संचालन डॉ० दीपशिखा के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में फैकल्टी ऑफ लीगल स्टडीज के अधिष्ठाता प्रोफेसर (डॉ०) बोधिसत्व आचार्य,एवं सभी सम्मानित प्राध्यापकगण उपस्थित रहे जिसमें प्रोफेसर (डॉ०) नीरज मलिक, एसोसिएट प्रो० (डॉ०) हरिचरण यादव,डॉ. विवेक, डॉ० नलनीश चंद्र सिंह ,डॉ० जुली गर्ग, राहुल वर्मा , व्यंजना सैनी , रेनू तोमर, रुद्रांश शर्मा ,सतीश कुमार , अनिंदिता चटर्जी, अमन, आयुषी , स्नेहा, मधुर स्वामी, आदि अध्यापकगण उपस्थित रहे एवं छात्र-छात्राएं की बढ़ी संख्या मै उपस्थिति रही ।




