मदरहुड विश्वविद्यालय में ‘हेल्थकेयर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभांरभ, देशभर के विशेषज्ञ हुए शामिल

रुड़की, 25 अप्रैल 2026:* मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की की फैकल्टी ऑफ नर्सिंग द्वारा “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इन हेल्थकेयर: इश्यूज़, चैलेंजेज़ एंड ऑपर्च्युनिटीज़ इन इंडिया” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। इस संगोष्ठी में देश के विभिन्न राज्यों से आए 215 से अधिक शिक्षाविदों, चिकित्सा विशेषज्ञों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता कर इसे ज्ञान-संगम का रूप दिया।

संगोष्ठी का शुभारंभ कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, उत्तराखंड नर्सेज एंड मिडवाइव्स काउंसिल, देहरादून की रजिस्ट्रार डॉ० मनीषा ध्यानी एवं मदरहुड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ०) नरेंद्र शर्मा के द्वारा ज्ञान, सकारात्मकता एवं नवाचार के प्रतीक दीप को जलाकर किया गया । मंचासीन अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर संगोष्ठी के सफल आयोजन की कामना की। इसके पश्चात फैकल्टी ऑफ नर्सिंग की छात्राओं द्वारा मनमोहक स्वागत नृत्य “सत्यम शिवम सुंदरम” से पूरे सभागार को सांस्कृतिक गरिमा से भर दिया।

संगोष्ठी की मुख्य अतिथि, उत्तराखंड नर्सेज एंड मिडवाइव्स काउंसिल, देहरादून की रजिस्ट्रार डॉ० मनीषा ध्यानी ने अपने संबोधन में कहा कि, “नर्सिंग प्रोफेशन में एआई का समावेश मरीजों की देखभाल को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।” उन्होंने नर्सिंग छात्रों से तकनीकी कौशल विकसित करने का आह्वान किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० (डॉ०) नरेंद्र शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा, “कृत्रिम बुद्धिमत्ता अब भविष्य नहीं, वर्तमान की आवश्यकता है। टेलीमेडिसिन से लेकर रोबोटिक सर्जरी और प्रेडिक्टिव डायग्नोसिस तक, एआई स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सटीक, सुलभ एवं किफायती बना रही है।” उन्होंने मदरहुड विश्वविद्यालय द्वारा हेल्थकेयर में इनोवेशन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

इस संगोष्ठी को तीन तकनीकी सत्रों में बांटा गया, जहाँ प्रतिष्ठित वक्ताओं ने अपने शोध एवं अनुभव साझा किए। प्रथम सत्र में एआई के मूलभूत अनुप्रयोग को प्रो० (डॉ० ) विजय लक्ष्मी वर्मा ने, उन्होंने अपना व्याख्या “हेल्थकेयर में एआई: वर्तमान परिदृश्य” विषय को आधार बनाकर दिया। और कहा कि कैसे मशीन लर्निंग एल्गोरिद्म मेडिकल इमेजिंग और ड्रग डिस्कवरी में क्रांति ला रहे हैं। प्रो० (डॉ०) मनीष कुमार मिश्रा ने “एआई: नैतिकता एवं कानूनी चुनौतियाँ” विषय पर प्रकाश डालते हुए डेटा प्राइवेसी, पेशेंट कंसेंट और एल्गोरिदमिक बायस जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की।

डॉ. मोहिता बोहरा ने “एल्गोरिद्म से आगे: भारत में स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका” पर प्रस्तुति देते हुए आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में एआई के एकीकरण पर जोर दिया। प्रो. (डॉ.) गीता जोशी ने बताया कि ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में एआई-सक्षम मोबाइल हेल्थ यूनिट्स प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा की तस्वीर बदल सकती हैं। प्रो० (डॉ० ) ग्रेस मैडोना सिंह ने “राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन एवं सरकारी पहलों” पर विस्तृत जानकारी दी।
प्रो० (डॉ० ) पियूष कपिल ने एआई के कार्यान्वयन में आने वाली तकनीकी, आर्थिक एवं मानव संसाधन संबंधी चुनौतियों के साथ-साथ स्टार्टअप्स के लिए अवसरों पर प्रकाश डाला। प्रो० (डॉ० ) रेनुका पॉली दास ने “नर्सिंग शिक्षा में एआई का भविष्य” विषय पर मार्गदर्शन देते हुए कहा कि आने वाला समय “नर्स + टेक्नोलॉजी” का होगा। डॉ. चित्रा कपूर ने “पैथोलॉजी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” पर बताया कि डिजिटल पैथोलॉजी और एआई आधारित डायग्नोसिस कैंसर जैसी बीमारियों का पता शुरुआती चरण में लगाकर हजारों जीवन बचा सकती है।
संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए प्रश्नोत्तर सत्र में भी आयोजित किया जिसमे प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों से एआई के व्यावहारिक पहलुओं पर खुलकर चर्चा की।

कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिये गए। फैकल्टी ऑफ नर्सिंग की प्रिंसिपल प्रो० डॉ० रेनुका पॉली दास ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह संगोष्ठी विश्वविद्यालय के “Innovation in Healthcare Education” के विजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह संगोष्ठी न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि इसने युवा नर्सिंग प्रोफेशनल्स एवं शोधार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग की नई दिशा एवं प्रेरणा प्रदान की।

कार्यक्रम का कुशल संचालन मिस वंशिका सिंह ने किया। इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में मदरहुड विश्वविद्यालय के कुलसचिव अजय गोपाल शर्मा एवं इस कार्यक्रम को सफल बनाने में मिस आकांक्षा, मिस नीलम जोशी, मिस मनीषा, मिस आस्था, मिस्टर देवांशु एवं मिस्टर संकेत सहित समस्त फैकल्टी ऑफ नर्सिंग टीम का सराहनीय योगदान रहा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *