मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की में “डिकोडिंग द यूनियन बजट 2026” विषय पर सेमिनार का आयोजन

मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की में फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड बिज़नेस स्टडीज़ द्वारा 6 फरवरी 2026 को “डिकोडिंग द यूनियन बजट 2026” विषय पर ज्ञानवर्धक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को केंद्रीय बजट-2026 की संरचना, उसके आर्थिक प्रभाव, तथा युवाओं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को समझाना रहा ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय कुलपति महोदय ने कहा कि यूनियन बजट 2026 प्रगतिशील भारत का रोडमैप है। उन्होंने इसे “युवा शक्ति संचालित भारत” का बजट बताते हुए कहा कि यह बजट आत्मनिर्भरता, नवाचार और समावेशी विकास को बढ़ावा देता है। उन्होंने आयोजन टीम को भविष्य में भी इस प्रकार के अकादमिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने हेतु प्रोत्साहित किया।

प्रो. डॉ. पी. के. अग्रवाल, डीन, फैकल्टी ऑफ कॉमर्स एंड बिज़नेस स्टडीज़ ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वाणिज्य एवं व्यवसाय अध्ययन के छात्रों के लिए बजट को पढ़ना, समझना और उसका विश्लेषण करना एक अकादमिक ही नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि बजट यह समझने का माध्यम है कि सरकारी नीतियाँ आम नागरिकों तक कैसे पहुँचती हैं और देश के विकास में कैसे योगदान देती हैं।

कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन प्रो. नीता माहेश्वरी ने प्रस्तुति के माध्यम से यूनियन बजट 2026 का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने बजट के तीन “कर्तव्य स्तंभ” (3 Kartavya Pillars) पर विशेष रूप से चर्चा करते हुए प्रत्येक स्तंभ की भूमिका और उसके दीर्घकालिक प्रभाव को स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास” की भावना पर आधारित है और समाज के प्रत्येक वर्ग को लाभ पहुँचाने का प्रयास करता है।

प्रो. माहेश्वरी ने यह भी बताया कि बजट में रक्षा क्षेत्र को सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही बजट का प्रौद्योगिकी उन्मुख दृष्टिकोण, विशेष रूप से सेमीकंडक्टर उद्योग, खनिज एवं संसाधन विकास, तथा स्वास्थ्य क्षेत्र में अनुसंधान केंद्रों की स्थापना पर बल, भारत को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाएगा। उन्होंने कृषि क्षेत्र में तकनीक आधारित कृषि, डिजिटल समाधान और नवाचारों पर बजट के फोकस को भी रेखांकित किया, जिससे किसानों की आय और उत्पादकता में वृद्धि होगी।

सेमिनार के उपरांत, इसी विषय पर संकाय सदस्यों के लिए एक फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का आयोजन किया गया। इस सत्र में बजट के वित्तीय प्रावधानों, विभिन्न क्षेत्रों पर उसके प्रभाव, शिक्षा क्षेत्र में संभावनाओं तथा भविष्य के विकास पर गहन चर्चा की गई। FDP में डॉ. एस. ए. भारद्वाज, डॉ. ब्रज किशोर भारती, सुश्री मधु, श्री सचिन कुमार, सुश्री साक्षी कर्ण, श्रीमती वर्णिका त्यागी, सुश्री कोमल शर्मा, श्री सुभाष, सुश्री आकांक्षा एवं सुश्री वंशिका सहित अनेक संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन सकारात्मक चर्चा, सक्रिय सहभागिता और बजट के प्रति गहरी समझ के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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