मंगलौर के तीन व्यापारियों के नाम पर दर्ज भूमि में 156 आम के पेड़ों का अवैध कटान, क्षेत्र मे सनसनी


रिपोर्ट रुड़की हब
रुड़की।।सिमलोनी/मंगलौर में स्थित एक हरे-भरे आम के बगीचे में लगभग 156 फलदार आम के पेड़ों के अवैध कटान का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में रोष और चिंता का माहौल है। सूचना मिलते ही उद्यान संचालन दल केंद्र, नारसन के प्रभारी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर वृक्ष पातन की पुष्टि की।

प्राथमिक जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि खतौनी संख्या-190, रकबा 1.3740 हेक्टेयर मंगलौर के तीन व्यापारियों—सतीश कुमार गुप्ता, हरीश कुमार गुप्ता एवं गिरीश कुमार गुप्ता—के नाम दर्ज है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बगीचे में खड़े लगभग एक सौ छप्पन आम के वृक्ष पूरी तरह काटे जा चुके थे। मौके का दृश्य देखकर अधिकारियों ने भी गहरी चिंता व्यक्त की।
अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि उक्त भूमि पर भविष्य में आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना के तहत सुनियोजित तरीके से पेड़ों का कटान किया गया है। यदि यह आशंका सही साबित होती है, तो यह न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने की बड़ी साजिश भी मानी जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग द्वारा मंगलौर कोतवाली को प्रार्थना पत्र भेजकर वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
इस संबंध में मंगलौर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि उद्यान विभाग से उन्हें लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले ही हरित क्षेत्र लगातार कम हो रहा है, ऐसे में फलदार और छायादार पेड़ों का अवैध कटान पर्यावरण संतुलन पर गंभीर प्रहार है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।

फिलहाल पुलिस एवं संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच जारी है। यदि अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।
सिमलोनी/मंगलौर। ग्राम सिमलोनी में स्थित एक हरे-भरे आम के बगीचे में लगभग 156 फलदार आम के पेड़ों के अवैध कटान का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में रोष और चिंता का माहौल है। सूचना मिलते ही उद्यान सचल दल केंद्र, नारसन के प्रभारी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण के दौरान बड़े पैमाने पर वृक्ष पातन की पुष्टि की।
प्राथमिक जांच में सामने आया कि संबंधित भूमि खतौनी संख्या-190, रकबा 1.3740 हेक्टेयर मंगलौर के तीन व्यापारियों—सतीश कुमार गुप्ता, हरीश कुमार गुप्ता एवं गिरीश कुमार गुप्ता—के नाम दर्ज है। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बगीचे में खड़े लगभग एक सौ छप्पन आम के वृक्ष पूरी तरह काटे जा चुके थे। मौके का दृश्य देखकर अधिकारियों ने भी गहरी चिंता व्यक्त की।
अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि उक्त भूमि पर भविष्य में आवासीय कॉलोनी विकसित करने की योजना के तहत सुनियोजित तरीके से पेड़ों का कटान किया गया है। यदि यह आशंका सही साबित होती है, तो यह न केवल पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है, बल्कि हरित क्षेत्र को नुकसान पहुंचाने की बड़ी साजिश भी मानी जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग द्वारा मंगलौर कोतवाली को प्रार्थना पत्र भेजकर वृक्ष संरक्षण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।
इस संबंध में मंगलौर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अमरजीत सिंह ने बताया कि उद्यान विभाग से उन्हें लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
स्थानीय ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले ही हरित क्षेत्र लगातार कम हो रहा है, ऐसे में फलदार और छायादार पेड़ों का अवैध कटान पर्यावरण संतुलन पर गंभीर प्रहार है। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस एवं संबंधित विभाग द्वारा मामले की जांच जारी है। यदि अवैध कटान की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

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