झबरेड़ा विधायक के विरोध से चौ.यशवीर सिंह व पुत्र की भाजपा ज्वाइनिंग पर फसा पेंच,निजी सचिव का इनकार,कहा-भाजपा में जाना तय

रुड़की(संदीप तोमर)खानपुर विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन के प्रयासों से पुत्र समेत भाजपा में शामिल होने के पूर्व विधायक चौ.यशवीर सिंह के राजनीतिक कदम पर फिलहाल झबरेड़ा भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल के विरोध के कारण पेंच फंस गया है। ऐसी जानकारी देते हुए जहां सूत्रों ने दावा किया है कि इस लोकसभा चुनाव में पिता-पुत्र को भाजपा की सदस्यता नही मिल पाएगी,वहीं पूर्व विधायक चौ.यशवीर सिंह के निजी सचिव विवेक चौधरी का कहना है कि मामला केवल समर्थकों की राय शुमारी पर रुका है,जहां यह तय है कि चौ.यशवीर सिंह व डा.गौरव चौधरी भाजपा में ही जायेंगे, वहीं उनकी सदस्यता भी कुछ ही रोज में हो जाएगी। अब देखना दिलचस्प होगा कि किसका दावा सही साबित होगा?
चौ.यशवीर सिंह के फिलहाल राजनीतिक विरोधी उनके अनुज चौ.कुलवीर सिंह की झबरेड़ा से दलित भाजपा विधायक देशराज कर्णवाल की निकटता किसी से छुपी नही है। जिस तरह चौ.कुलवीर सिंह विधानसभा चुनाव में देशराज कर्णवाल के सारथी बने थे,वह आम जन के साथ ही खुद देशराज कर्णवाल आज तक नही भूले हैं। यही कारण है कि पिछले दिनों चौ.यशवीर सिंह के पुत्र डा.गौरव चौधरी संग कांग्रेस छोड़ने के साथ ही उनके भाजपा में शामिल होने की सुगबुगाहट चली थी तो चौ.कुलवीर सिंह के साथ ही देशराज कर्णवाल भी तत्काल सक्रिय हो गए थे,ऐसा सूत्रों का कहना है। यह सक्रियता स्वाभाविक भी है,क्योंकि झबरेड़ा की राजनीति में चौ.यशवीर सिंह का मजबूत होना न तो चौ.कुलवीर सिंह चाहेंगे और न ही विधायक देशराज कर्णवाल। वह भी तब जब चौ.यशवीर सिंह को भाजपा में लाने के प्रयास कोई और नही बल्कि फिलहाल देशराज कर्णवाल के घनघोर राजनीतिक विरोधी खानपुर भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैम्पियन कर रहे हों। सूत्रों के अनुसार जैसे ही चैम्पियन के इस बाबत सक्रिय होने की जानकारी देशराज कर्णवाल को लगी थी,वह तभी इस नई सदस्यता के खिलाफ खड़े हो गए थे। सूत्रों का जहां यह दावा है कि उनके विरोध के ही कारण चौ.यशवीर सिंह व उनके पुत्र की भाजपा में सदस्यता पर फिलहाल पेंच फंस गया है और इस लोकसभा चुनाव उनकी सदस्यता नही होगी,वहीं पूर्व विधायक चौ.यशवीर सिंह के निजी सचिव विवेक चौधरी का कहना है कि सदस्यता का मामला केवल समर्थकों की राय शुमारी पर रुका है,जहां यह तय है कि चौ.यशवीर सिंह व डा.गौरव चौधरी भाजपा में ही जायेंगे,वहीं उनकी सदस्यता भी कुछ ही रोज में हो जाएगी। विवेक का कहना है कि बसपा से भी आमंत्रण आया था,किन्तु चौ. यशवीर सिंह ने भाजपा में ही जाना तय किया है। खैर अब देखना दिलचस्प होगा कि किसका दावा सही साबित होगा?

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